शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

जवाब दे गयी

इन्हीं आँखों ने तेरा रस्ता तका था ,
आज इनकी हिम्मत जवाब दे गयी |
इन्हीं आँखों ने तेरा ख्वाब देखा था ,
आज इनकी शिददत जवाब दे गयी |

इन्हीं हाथों की लकीरों ने तुझे माँगा था ,
आज इनकी किस्मत जवाब दे गयी |
इन्हीं हाथों से अर्जी लगाई थी तेरे वास्ते ,
आज इनकी रिश्वत जवाब दे गयी |

इन्हीं पलकों पे रखना चाहा था तुझे ,
आज इनकी रहमत जवाब दे गयी |
इन्हीं पलकों को बिछाना चाहते थे ,
आज इनकी शराफत जवाब दे गयी |

अक्षत डबराल
"निःशब्द"

1 टिप्पणी:

  1. इन्हीं हाथों की लकीरों ने तुझे माँगा था ,
    आज इनकी किस्मत जवाब दे गयी |
    इन्हीं हाथों से अर्जी लगाई थी तेरे वास्ते ,
    आज इनकी रिश्वत जवाब दे गयी |
    waah

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